स्वास्थ्य क्या हे ?
health ?
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स्वास्थ्य के मूल सिद्धान्तो का अध्यन करने से पूर्व स्वास्थय क्या होता हे ? उनको जानना ओर समजना बहुत जरूरी हे। ताकि स्वास्थ्य के अनुसार जीवनशैली अपनाई जा सके, ओर रोगो के कारणो से यथा सम्भव बचा जा सके ।
कभी-कभी बहुत छोटी लगने वाली हमारी गलती भविष्य मे रोग का बहुत बड़ा कारण बन जीवन की खुशी ओर आनंद हमेशा के लिए खतम कर देता हे।
स्वस्थ कोन ?
who is healthy?
स्वस्थ का मतलब होता हे रोग -मुक्त जीवन। स्वस्थता तन,मन ओर आत्मोत्साह के समन्वय का नाम हे। जब शरीर,मन, इंद्रिया ओर आत्मा ताल–से ताल मिला कर सन्तुलन से कार्य करते हे, तब ही अच्छा स्वास्थ्य कहलाता हे । मतलब शरीर की पूरी प्रणालीया ओर सभी अवयव स्वतंत्र अपना–अपना कार्य करे , किसि के भी कार्य मे, किसी भी प्रकार का अवरोध ,आलस्य अथवा निष्क्रियता न हो ओर उनको चलाने के लिए किसी भी उपकरण तथा दवा की जरूरत न हो । मन ओर पंचो इंद्रियो सशक्त हो। याद शक्ति अच्छी हो। विवेक जागृत हो। लक्ष्य सही हो ओर जीवन मे आनंद ,शांति ओर प्रशान्ता बढ़ाने वाला हो,ना की तनाव,चिन्ता, निराशा,भय, अनैतिकता , हिंसा , जुठ , चोरी , व्यभिचार , आदि दुःख जे से कारणो को बढ़ा ने वाला। प्राथमिकताए सही हो ओर उसके अनुरूप सयमित ,नियमित ओर नियंत्रित जीवन चर्या हो। मन बेचैन न हो। इंद्रियो की विषय–विकारो मे आसक्ति न हो। सभी प्रवृतीय सहज ओर स्वाभाविक हो, अस्वाभाविक न हो मतलब जिसका पाचन ओर श्वसन बराबर हो ,नियमित हो ,संतुलित हो। अनावश्यक विजातीय तत्वो का शरीर से निकल ना सही हो। भूख प्राकृतिक लगती हो। नींद स्वाभाविक आती हो। पसीना गंध हिन हो। त्वचा मुलायम हो , बदन गठीला हो। आंखो मे तेज ,खिला हुआ चेहरा हो ओर कमर सीधी हो। नाड़ी ,मज्जा ,अस्थि, प्रजनन, रक्त प्ररिभ्रमन आदि तंत्र शक्ति शाली हो ओर अपना कार्य क्षमता से करने मे योग्य हो। जो निरहंकारि हो। जो आत्मविश्वासी हो , दढ़ मनोबली ,सहनशील , धैर्यवान , निर्भय , साहसी ओर जीवन के प्रति उत्साही हो। जिसके सभी कार्य समय पर होते हो तथा जीवन नियमब्ध हो । सहि मे सभी स्वस्थता के मापदंड तो यही हे। जीतने – जीतने अंशो मे उपरोक्त तथ्यो की प्राप्ति होती हे उसिके अनुसार मे व्यक्ति स्वस्थ होता हे । इसके विपरीत स्थिति पेदा होने पर अपने आपको स्वस्थ मानना तथा दावा करना न्याय संगत नहीं हो सकता। हरेक व्यक्ति को अपनी स्थिति के बारे मे अवश्य चिंतन करना चाहिए। जो – जो बाते अपने स्वयं के नियंत्रण मे हो , उसके अनुरूप जीवनशैली अपनानी चाहिए।
परंतु आज के समय मे स्वस्थ की बात करते ओर सलाह देते समय कोई भी doctor या health expert स्वास्थ को प्रभावित कर ने वाले उपरोक्त बाते को सही से विश्लेषण नहीं करते।
जो भी यंत्रो ओर परीक्षणों से पता लगाया जाता हे ,वो केसे सत्य ओर पूर्ण हो सकता हे । स्वस्थ रहने हेतु व्यक्ति अपनी सजगता,विवेक,बुद्धि ओर स्वयं की स्वयं द्वारा समीक्षा,स्वस्था के लिए जरूरी हे। पराधीन ,अर्थात दूसरों पर आश्रित रहेने वाला व्यक्ति कभी स्वस्थ नहीं रह सकता।
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I am healthy
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